दोस्त के मरने पर ,
श्मशान ना जा पाने का
बहाना बनाते हैं।
वो तो गुज़र गया
अब ,हम फ़ोन पर ही
शोक जताते हैं।
दोस्त से लिए उधार
अब उसे नहीं चुकाने पड़ेंगे
बस अब हमें कुछ नये दोस्त
फिर बनाने पड़ेंगे ।
Navin Giri

दोस्त के मरने पर ,
श्मशान ना जा पाने का
बहाना बनाते हैं।
वो तो गुज़र गया
अब ,हम फ़ोन पर ही
शोक जताते हैं।
दोस्त से लिए उधार
अब उसे नहीं चुकाने पड़ेंगे
बस अब हमें कुछ नये दोस्त
फिर बनाने पड़ेंगे ।
Navin Giri
